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इंजीनियर सस्पेंड, मुख्य अभियंता पर भी कार्रवाई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | गंडक नदी में बाढ़ के दौरान तटबंध सुरक्षा में लापरवाही पर 7 इंजीनियरों को निलंबित किया गया है। मुख्य अभियंता के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है।

पटना, 5 अक्टूबर आलम की खबर: बिहार में गंडक नदी की बाढ़ से पैदा हुए संकट के दौरान तटबंधों की सुरक्षा और आपात व्यवस्था में लापरवाही बरतना जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को भारी पड़ा है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए 7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया गया है। बाढ़ के दौरान अधिकारियों की भूमिका और आपातकालीन कार्ययोजना के पालन की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई है।

रिकॉर्ड जलस्राव के बीच तटबंधों की सुरक्षा पर उठे सवाल

नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी में इस बार असाधारण जलस्राव की स्थिति बनी थी। नदी के जलस्तर ने कई स्थानों पर पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बिहार में बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज जैसे इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने से तटबंधों पर भी गंभीर दबाव पड़ा।

बाढ़ के दौरान कुछ स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों की कार्यशैली और आपदा के समय किए गए बचाव एवं सुरक्षा कार्यों की समीक्षा शुरू की।

आपात स्थिति में ड्यूटी से पीछे हटने का आरोप

विभागीय जांच में सामने आया कि कुछ अभियंताओं ने आपातकालीन कार्ययोजना को अपेक्षित तरीके से लागू नहीं किया। आरोप है कि संकट के समय मौके पर रहकर तटबंधों की निगरानी और स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय अधिकारियों की ओर से अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई।

स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध मैनपावर के प्रभावी इस्तेमाल के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय को लेकर भी सवाल उठे। विभाग ने इसे आपदा के समय गंभीर कर्तव्यहीनता माना है।

इन 7 अभियंताओं पर हुई कार्रवाई

निलंबित किए गए अभियंताओं में छपरा के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर और गोपालगंज के मो. साजिद इकबाल शामिल हैं। इसके अलावा सहायक अभियंता सुनील कुमार, विनोद कुमार और मो. जावेद अंसारी तथा कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार और विकास कुमार के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

वहीं, मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने संकेत दिया है कि आपदा के समय जिम्मेदारी निभाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

गंडक का पानी अब तेजी से नीचे उतर रहा

कार्रवाई के बीच बाढ़ की स्थिति में राहत के संकेत भी मिलने लगे हैं। गंडक नदी का जलस्तर कई स्थानों पर लगातार नीचे जा रहा है। सारण के रेवाघाट में नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से करीब 177 सेंटीमीटर नीचे आ चुका है और अब यह खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

इसी तरह वैशाली के लालगंज में भी नदी के जलस्तर में लगभग 130 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। अनुमान है कि अगले 24 घंटे में यहां भी पानी खतरे के निशान से नीचे पहुंच सकता है।

बाढ़ का पानी घटने के साथ बढ़ेगी समीक्षा

गंडक का जलस्तर कम होने से प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन तटबंधों को हुए नुकसान और बाढ़ के दौरान हुई प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी।

बाढ़ के दौरान तटबंधों की निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर समय रहते बचाव कार्य और संसाधनों की उपलब्धता किसी भी बड़ी आपदा को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में जल संसाधन विभाग की यह कार्रवाई अधिकारियों के लिए स्पष्ट संदेश के तौर पर देखी जा रही है कि आपदा के समय जिम्मेदारी में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

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संपादकीय विचार

गंडक जैसी बड़ी नदी में बाढ़ के दौरान तटबंधों की सुरक्षा केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लाखों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। आपदा के समय अधिकारियों की मौजूदगी, त्वरित निर्णय और स्थानीय स्तर पर संसाधनों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है। सात अभियंताओं पर कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच यह संकेत देती है कि बाढ़ प्रबंधन में जवाबदेही तय करने की जरूरत को सरकार ने गंभीरता से लिया है। आगे सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर तटबंधों की निगरानी और आपात व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

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